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UP News: चंद्रशेखर आजाद का बीजेपी पर हमला, राम मंदिर चढ़ावे में लूट का लगाया आरोप

UP News: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर पहुंचे नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश के बहुचर्चित धार्मिक स्थल में हुए इस मामले को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। सांसद ने सीधे तौर पर कहा कि भगवान राम के नाम पर करोड़ों रुपये की खुली लूट को अंजाम दिया गया है, जो देश की जनता की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।

केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग

दरअसल, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद चर्चित शब्बीरपुर कांड की सुनवाई के सिलसिले में सहारनपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) में पेश होने पहुंचे थे। अदालत में पेशी के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने मौजूदा बीजेपी सरकार के खिलाफ तीखे सवालों की बौछार कर दी। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि प्रभु श्रीराम के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा पूरी आस्था के साथ दान किए गए धन में बड़े स्तर पर कथित हेराफेरी हुई है और इस पूरे प्रकरण में रसूखदार व बड़े चेहरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुरजोर मांग की कि यदि इतने गंभीर आरोप और नाम सामने आ रहे हैं, तो प्रवर्तन निदेशालय (ED), इनकम टैक्स (Income Tax) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी शीर्ष राष्ट्रीय जांच संस्थाओं को बिना किसी दबाव के इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए।

देवभूमि में बढ़ा सियासी पारा

राम मंदिर के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमाने के बाद चंद्रशेखर आजाद के साथ उत्तराखंड के हरिद्वार में भी एक बड़ा विवाद जुड़ गया। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के टिहरी जिले के बहुचर्चित केतन हत्याकांड के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और उनसे मुलाकात करने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रविवार को हरिद्वार के प्रसिद्ध शंकराचार्य चौक पर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिया गया। आजाद टिहरी जनपद स्थित केतन के पैतृक गांव जाकर शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देने के लिए निकले थे, लेकिन हरिद्वार सीमा पर पहुंचते ही पुलिस ने उनके वाहनों के बेड़े को आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इस कदम के बाद उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है।

कानून-व्यवस्था का हवाला

हरिद्वार पुलिस के आला अधिकारियों ने इस कार्रवाई के पीछे राज्य की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा कारणों और शांति बनाए रखने का कड़ा हवाला दिया। जैसे ही सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोकने की खबर फैली, वैसे ही बड़ी संख्या में आजाद समाज पार्टी (ASP) के नेता और उग्र समर्थक शंकराचार्य चौक पर जमा होने लगे। कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के इस फैसले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और अपने नेता को तुरंत आगे जाने देने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस ने सूझबूझ और संयम से काम लेते हुए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। किसी भी तरह की अप्रिय घटना या हिंसक टकराव से बचने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई।

धामी सरकार पर तीखा जुबानी हमला

तमाम विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने सांसद चंद्रशेखर आजाद को टिहरी की ओर आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी। प्रशासन के इस अड़ियल रुख से नाराज नगीना सांसद ने उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर सीधा और तीखा जुबानी हमला बोला। चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से ‘तानाशाही’ और लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एक जनप्रतिनिधि को पीड़ित और असहाय परिवारों से मिलने से रोकना सरकार की कमजोरी को दर्शाता है, लेकिन वे पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

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