Ram Mandir Donation: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान पात्र से चढ़ावा चोरी होने के सनसनीखेज मामले के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अयोध्या पुलिस इस पूरे प्रकरण की सच्चाई का पता लगाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर गहन जांच (Deep Investigation) कर रही है। पकड़े गए मुख्य आरोपी के वित्तीय रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, जिसमें उसके बैंक लेन-देन (Bank Transactions), हालिया नकद लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों की बारीकी से छानबीन की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस सुरक्षा चूक और चोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अंदरूनी साठगांठ काम कर रही थी।
चढ़ावा गिनती कक्ष के नए कड़े नियम
इस बड़ी चोरी की घटना के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव दान की राशि गिनने वाले कमरे (Donation Counting Room) में देखने को मिला है। अब टेबल-कुर्सी पर नोटों की गिनती करने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसकी जगह अब जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर पारदर्शिता के साथ नोटों की काउंटिंग की जा रही है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, गिनती के कार्य में लगे कर्मचारियों को ड्यूटू के दौरान आपस में किसी भी तरह की बातचीत या संवाद करने की सख्त मनाही है।
संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा पहरा
मंदिर प्रबंधन ने काउंटिंग ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की दैनिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। नोटों की गिनती के दौरान जो कर्मचारी बार-बार टॉयलेट या बाथरूम जाने का बहाना बनाते हैं, उन्हें विशेष निगरानी (Strict Surveillance) के दायरे में रखा गया है। इसके अलावा, काम के घंटों के दौरान कैंटीन में ज्यादा देर तक बैठने या समय बिताने की छूट को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। पूरे काउंटिंग हॉल को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है, जहां हर एक गतिविधि पर उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पल-पल नजर रखी जा रही है।
मॉनिटरिंग रूम के सुरक्षाकर्मी भी अलर्ट पर
कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग रूम (Monitoring Room) में तैनात सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है। अब निगरानी कक्ष में मौजूद कोई भी स्टाफ ड्यूटी के समय अपनी निर्धारित जगह या सीट छोड़कर बाहर नहीं जा सकेगा। इस अभूतपूर्व मुस्तैदी का साफ मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की गिनती पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। राम मंदिर समिति ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

