CJP Protest: राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन ने उस वक्त हिंसक मोड़ ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी और इलाके में कई कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे।
जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किया गया, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।
सोनम वांगचुक का संदेश
संसद मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम के बीच अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक नया संदेश साझा किया है। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे युवाओं और छात्र नेताओं के साथ जिस प्रकार का दुर्व्यवहार और बर्बरता की गई है, उसके विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है। वांगचुक ने कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदर्शनकारी युवा नेताओं को संसद भवन के भीतर सांसदों से मिलने और अपनी बात रखने की अनुमति नहीं मिल जाती।
शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और छात्र आंदोलन पर वांगचुक की अपील
अपने पत्र के माध्यम से वांगचुक ने सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी।
पुलिसिया कार्रवाई और उकसावे के बावजूद युवाओं द्वारा दिखाए गए धैर्य और सहनशीलता की सराहना करते हुए वांगचुक ने कहा कि वह छात्रों के शांतिपूर्ण रवैये से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि वे छात्रों को संसद के सामने अपनी शिकायतें दर्ज कराने का मौका देकर इस विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा आगे भी इसी तरह संयम बनाए रखेंगे।

