लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दिवाली से पहले प्रदेश के 455 लेखपालों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर पदोन्नति दे दी है। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की गई। पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
इस फैसले से प्रदेश के राजस्व विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। साथ ही, तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व से जुड़े कामों की निगरानी और देखरेख को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे जमीन से जुड़े मामलों और राजस्व कार्यों को पूरा करने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी।
ऑनलाइन डीपीसी से पूरी हुई 455 लेखपालों की पदोन्नति प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा ने बताया कि सभी 455 लेखपालों की पदोन्नति की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की गई है। इसके तहत कर्मचारियों की तय पात्रता, सेवा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी मानकों की जांच की गई। जांच के बाद 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिली है। इसके साथ ही पदोन्नति की प्रक्रिया को तय समय में पूरा करने पर भी जोर दिया गया। तकनीक के इस्तेमाल से कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड की जांच और पदोन्नति से जुड़े फैसले लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
राजस्व निरीक्षक के खाली पद भरने में मिलेगी मदद
455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रमोशन मिलने से विभाग में इस संवर्ग के खाली पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी पहले से बेहतर हो सकती है। राजस्व निरीक्षक की भूमिका जमीन से जुड़े मामलों, राजस्व रिकॉर्ड और क्षेत्रीय कामकाज की देखरेख में महत्वपूर्ण होती है।
पदोन्नति के बाद संबंधित कर्मचारियों की नई जिम्मेदारियां तय होने से विभागीय कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जमीन की पैमाइश, राजस्व अभिलेखों के रखरखाव और दूसरे राजस्व मामलों के निस्तारण में भी सुधार हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर नई तैनाती और विभागीय कामकाज में जिम्मेदारियों के बंटवारे के बाद सामने आएगा।
जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व से जुड़े मामलों का तेजी से और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण करने पर जोर दे रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि आम लोगों को जमीन, पैमाइश, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य प्रशासनिक मामलों के लिए ज्यादा परेशान न होना पड़े। इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है।
ऑनलाइन डीपीसी की प्रक्रिया भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इससे कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए तय नियमों के अनुसार रिकॉर्ड की जांच करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है। सरकार की कोशिश है कि विभागीय कामकाज में तकनीक का अधिक इस्तेमाल हो, ताकि फैसले समय पर लिए जा सकें और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
योगी सरकार के फैसले से राजस्व विभाग को मिलेगी मजबूती
उत्तर प्रदेश में 455 लेखपालों की पदोन्नति को राजस्व विभाग के कामकाज को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी मिलेगी और राजस्व निरीक्षक संवर्ग में खाली पदों को भरने में सहायता मिलेगी। अब पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जारी होने का इंतजार है।
नई तैनाती के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तहसील स्तर पर राजस्व मामलों की निगरानी, भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़े कामों में कितनी तेजी आती है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से विभागीय व्यवस्था बेहतर होगी और आम लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

