Delhi Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके के परिवार से एक दुखद खबर सामने आई है। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उनकी दादी का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली। एक ओर परिवार इस दुखद घटना से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं। इस घटना के बाद उनके परिवार और समर्थकों के बीच शोक का माहौल है।
मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही अभिजीत दीपके पुलिस हिरासत में
अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अपने साथियों के साथ दिल्ली पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होना था। हालांकि, दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें मुंबई से दिल्ली आने वाली फ्लाइट से ही हिरासत में लिया गया। इसके चलते वह प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। उनकी हिरासत और परिवार में हुई दुखद घटना ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती, 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने दोबारा एकत्र होकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए दिल्ली में 12 डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सुबह 10 बजे प्रस्तावित था प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन शनिवार सुबह 10 बजे शुरू होना प्रस्तावित था। प्रदर्शनकारियों की मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी थी। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे कई कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया, जबकि कुछ लोगों को वापस लौटने के लिए कहा गया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली के 20 सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था, महिला प्रदर्शनकारियों पर भी कार्रवाई
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के व्यापक इलाके में सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। पूरे क्षेत्र को 20 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किए गए। जब महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर दोबारा जुटने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बसों से डिटेंशन सेंटर पहुंचाया। सुरक्षा बलों की तैनाती का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में एकत्र होने से रोकना था।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं, इलाके में निषेधाज्ञा लागू
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। साथ ही, संबंधित इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया और लोगों से प्रशासन की ओर से जारी आदेशों का पालन करने की अपील की। पुलिस की सख्ती के बीच प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने की कार्रवाई जारी रही। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में अभिजीत दीपके की हिरासत, उनकी दादी के निधन और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का मामला प्रमुखता से सामने आया है।

