Ram Mandir Security: अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा राशि चोरी होने के सनसनीखेज मामले के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। इस गंभीर प्रकरण की जांच अभी पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जारी है, लेकिन इस बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। मंदिर के मुख्य गणना कक्ष (Counting Room) को पूरी तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ अब निजी सुरक्षा कर्मियों को भी बेहद मुस्तैदी के साथ तैनात किया गया है। इसके अलावा, इस हाई-अलर्ट के बीच परिसर में तैनात निजी सुरक्षा बलों को एक बड़ी सौगात देते हुए उनके मानदेय में भी तत्काल वृद्धि कर दी गई है।
आतिशबाजी निर्माण की तरह फैली बारूद जैसी खबर
चढ़ावा चोरी का मामला जैसे ही सामने आया, मंदिर प्रशासन और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। इसी का नतीजा है कि अब गणना कक्ष के मुख्य द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद करने के लिए सीआरपीएफ (CRPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस जैसी सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामानांतर अब निजी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को प्रमुख स्थलों पर तैनात किया गया है।
इस समय मंदिर की पहली सुरक्षा लेयर (First Security Layer) की कमान एसआईएस (SIS) के सुरक्षा गार्डों और यूपी पुलिस के जवानों के कंधों पर है। इन संयुक्त सुरक्षा बलों की तैनाती राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वारों, विशाल परकोटा, सुग्रीव किला और मंदिर परिसर के चारों तरफ की भीतरी परिधि में चौबीसों घंटे रहती है।
सरकारी सुरक्षा बलों के सामानांतर निजी गार्ड्स की तैनाती
चोरी के इस संवेदनशील प्रकरण के बाद राम जन्मभूमि परिसर में आने-जाने वाले हर अधिकारी, कर्मचारी और आगंतुक पर पैनी नजर रखी जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में निजी सुरक्षा कर्मियों की कुल संख्या को करीब 300 से बढ़ाकर अब 350 के पार कर दिया गया है। इन सभी जवानों की ड्यूटी तीन अलग-अलग शिफ्टों में लगाई गई है ताकि सुरक्षा में एक पल की भी चूक न हो।
इसके साथ ही, बीपीएच (BPH) एजेंसी के सुरक्षा गार्डों को यात्री सेवा केंद्र और मंदिर के बाहरी लेयर की सुरक्षा में तैनात किया गया है। अब मंदिर के भीतरी और बाहरी सुरक्षा चक्र से गुजरने वाले हर एक व्यक्ति की सघन तलाशी (Strict Frisking) ली जा रही है। निजी सुरक्षा बलों को सरकारी एजेंसियों के सहायक के रूप में लगाया गया है, यानी जिस भी पॉइंट पर निजी गार्ड तैनात हैं, वहां उनके ठीक पास सरकारी सुरक्षा कर्मचारी भी मुस्तैद खड़े हैं।
तत्कालीन महासचिव चंपत राय की मांग और योगी सरकार का फरमान
इस पूरे सुरक्षा बदलाव और तनातनी के बीच, राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात निजी गार्ड्स के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आई है। चढ़ावा राशि पर हाथ साफ करने की घटना के तुरंत बाद इन सुरक्षा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी कर दी गई है। जिन सुरक्षा कर्मियों को पहले ₹16,000 प्रति माह मानदेय दिया जा रहा था, उसे बढ़ाकर अब ₹18,000 कर दिया गया है।
इस वेतन वृद्धि के पीछे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय की मांग को प्रमुख माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने और पूरी ईमानदारी से ड्यूटी पक्की करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का एक विशेष फरमान इसमें काफी सहायक सिद्ध हुआ है। हालांकि, दानपात्रों और गणना कक्ष के आसपास किए गए इन बड़े बदलावों और सुरक्षा रणनीतियों पर फिलहाल न तो ट्रस्ट के पदाधिकारी कुछ बोलने को तैयार हैं और न ही निजी सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी।

