TMC Leader Arrested: पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रभावशाली नेता और बदुरिया म्युनिसिपालिटी के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कई ठिकानों पर देर रात छापेमारी की, जहां से लगभग 80 लाख रुपये नकद बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार यह रकम बेहिसाबी बताई जा रही है, क्योंकि आरोपी नेता इसके वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
सरकारी राहत सामग्री गबन का गंभीर आरोप
दीपांकर भट्टाचार्य पर सरकारी राहत सामग्री में गड़बड़ी, धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि लंबे समय से उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में राहत सामग्री को छिपाकर रखने और वितरण में भ्रष्टाचार के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने उनके पैतृक घर को सील कर दिया है और वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
एक साथ कई ठिकानों पर पड़ी रेड
बादुरिया पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने पुख्ता सूचना मिलने के बाद एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई की। पुलिस ने दीपांकर भट्टाचार्य के निजी आवास, राजनीतिक कार्यालय और एक नजदीकी कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि कंप्यूटर सेंटर बाहर से बंद था, जिसके बाद अधिकारियों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। तलाशी के दौरान बैगों और गुप्त स्थानों से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
बरामद रकम का नहीं मिला स्पष्ट हिसाब
पुलिस अधिकारियों ने जब आरोपी नेता से नकदी के स्रोत के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच में सामने आया कि बरामद रकम का कोई वैध वित्तीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आज उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
सत्ता परिवर्तन के बाद तेज हुई कार्रवाई
राज्य में हालिया विधानसभा चुनावों के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई हो रही है। नई प्रशासनिक व्यवस्था पुराने मामलों की जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है। बीते कुछ महीनों में कई राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों पर आर्थिक घोटालों के आरोप लगे हैं। इसी क्रम में यह कार्रवाई भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुर्शिदाबाद में ईडी की समानांतर जांच
इसी बीच मुर्शिदाबाद जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में छापेमारी तेज कर दी है। कोलकाता पुलिस के डीसी रैंक के अधिकारी शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास पर ईडी ने दोबारा तलाशी अभियान चलाया। शांतनु सिन्हा पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में उनके घर की गहन जांच की।
तालाब और सीसीटीवी जांच के केंद्र में
ईडी अधिकारियों का मुख्य ध्यान अधिकारी के घर परिसर में बने निजी तालाब पर है। एजेंसी को शक है कि घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज या सबूत वहां छिपाए गए हो सकते हैं। जांच के दौरान तालाब के आसपास लगे दस से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और डीवीआर जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्डिंग्स से मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

