Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड में इस वर्ष आयोजित हो रही चारधाम और पवित्र हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 (Chardham Yatra) अपने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए जोरों पर चल रही है। सोमवार (1 जून) को शाम पांच बजे तक प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, जब से यात्रा शुरू हुई है तब से लेकर अब तक कुल 45 लाख 31 हजार 80 श्रद्धालु अपना सफल पंजीकरण (Registration) करा चुके हैं। पवित्र घाटियों और पहाड़ी रास्तों पर उमड़ रहा आस्था का यह सैलाब साफ बयां कर रहा है कि इस बार शिवभक्तों और तीर्थयात्रियों का उत्साह पिछले कई सालों के मुकाबले कहीं गुना अधिक और ऐतिहासिक है।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए मची होड़
अगर धामवार तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो इस बार भी बाबा केदार की महिमा का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) जाने के लिए सबसे ज्यादा यानी 14 लाख 86 हजार 936 श्रद्धालुओं ने अपना नाम दर्ज कराया है। इस सूची में दूसरे पायदान पर भगवान बदरी विशाल का बदरीनाथ धाम है, जहाँ दर्शन के लिए 13 लाख 48 हजार 426 तीर्थयात्री पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा, माता गंगा के मायके गंगोत्री धाम के लिए 8 लाख 6 हजार 298 और यमुनोत्री धाम के लिए 7 लाख 78 हजार 525 भक्तों ने अपनी हाजिरी सुनिश्चित की है। वहीं, सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के लिए भी 1 लाख 10 हजार 895 श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
आगामी दो दिनों में उमड़ेगी भारी भीड
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, आने वाले दो दिन यानी 2 जून और 3 जून को विभिन्न हिमालयी धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने वाली है। अकेले 2 जून के लिए 89,261 और 3 जून के लिए 85,067 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहले से ही बुक हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ इन दो दिनों के भीतर ही 1 लाख 74 हजार 328 तीर्थयात्री उत्तराखंड के अलग-अलग धामों का रुख करने वाले हैं। इन दो विशेष दिनों में भी सबसे अधिक मारामारी केदारनाथ के लिए है जहाँ सर्वाधिक 56,757 यात्रियों ने बुकिंग कराई है, जबकि बदरीनाथ के लिए 45,109, गंगोत्री के लिए 32,064 और यमुनोत्री के लिए 29,697 श्रद्धालु लाइन में हैं।
ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की धूम
जो श्रद्धालु तकनीकी दिक्कतों या किसी अन्य वजह से पहले ऑनलाइन माध्यम से अपना पंजीकरण नहीं करा सके थे, उनके लिए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के प्रवेश द्वारों पर भौतिक (ऑफलाइन) केंद्रों की शानदार व्यवस्था की है। 1 जून को ही इन सेंटर्स के जरिए कुल 25,568 नए श्रद्धालुओं ने अपना ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। इस दौरान ऋषिकेश का ट्रांजिट कैंप सबसे व्यस्त और एक्टिव केंद्र साबित हुआ, जहां अकेले 11,492 भक्तों का पंजीकरण हुआ। वहीं, हरिद्वार केंद्र से भी 11,357 श्रद्धालुओं ने अपना पास बनवाया। इसके अलावा नयागांव से 859, हर्बर्टपुर से 528 और ऋषिकेश गुरुद्वारा केंद्र से 1,332 यात्रियों ने ऑफलाइन सुविधा का लाभ उठाया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन मुस्तैद
इस महा-तीर्थयात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा, पानी और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम का मिजाज देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान रास्ते में किसी भी प्रकार की असुविधा, आपातकालीन स्थिति या मेडिकल सहायता के लिए श्रद्धालु सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक टूरिस्ट हेल्पलाइन नंबर 1364 पर चौबीसों घंटे कभी भी संपर्क कर मदद पा सकते हैं।

