UP Politics: उत्तर प्रदेश के कन्नौज में समाजवादी पार्टी के PDA सम्मेलन में कम भीड़ जुटने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। शनिवार को सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन के दौरान कई कुर्सियां खाली नजर आईं। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए, जिसके बाद पार्टी के संगठन और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर सवाल उठने लगे।
सम्मेलन में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में उम्मीद के मुताबिक कार्यकर्ता नहीं पहुंचे। इसके बाद पार्टी के भीतर संगठन की जिम्मेदारी और सम्मेलन की तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
खाली कुर्सियों के बाद सपा ने कन्नौज जिला संगठन किया भंग
सम्मेलन में कम भीड़ जुटने के अगले दिन रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने संगठन पर कार्रवाई की। पार्टी ने कन्नौज के जिलाध्यक्ष कलीम खान को हटाने के साथ पूरी जिला कार्यकारिणी और फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्देश जारी किया।
बताया जा रहा है कि सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने जिला संगठन और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी गई। पार्टी की ओर से जारी पत्र में संगठन भंग करने की कार्रवाई का जिक्र किया गया।
ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- एसी और ट्विटर से बाहर निकलें
कन्नौज में सपा संगठन पर कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, “अखिलेश जी, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?”
उनके इस तंज को सपा के संगठनात्मक फैसले और सम्मेलन में कम भीड़ जुटने से जोड़कर देखा जा रहा है।
कन्नौज को सपा का गढ़ बताकर राजभर ने उठाए अखिलेश की राजनीतिक हैसियत पर सवाल
ओम प्रकाश राजभर ने कन्नौज को समाजवादी पार्टी का पारंपरिक गढ़ बताते हुए अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस कन्नौज को अखिलेश अपनी खानदानी विरासत समझते थे, वहां सम्मेलन में खाली कुर्सियां नजर आईं।
राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव से पहले पूरे प्रदेश की कार्यकारिणी भंग कर देनी चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति सामने आ गई है। उन्होंने सपा की पुरानी राजनीतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश अपने पिता और चाचा की विरासत को ठीक से संभाल नहीं पाए।
‘2027 में सपा साफ है’, राजभर ने फिर दोहराया अपना दावा
अपने पोस्ट के आखिर में ओम प्रकाश राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपना पुराना दावा भी दोहराया। उन्होंने कहा, “ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताइस में सपा साफ है।”
कन्नौज में PDA सम्मेलन के बाद संगठन भंग होने और राजभर के बयान से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, सम्मेलन में कम भीड़ जुटने और संगठन भंग करने के फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।

