You are currently viewing Lucknow News: लखनऊ सिविल कोर्ट मारपीट मामला! फरार वकीलों की तलाश में पुलिस की 10 टीमें, हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रुख

Lucknow News: लखनऊ सिविल कोर्ट मारपीट मामला! फरार वकीलों की तलाश में पुलिस की 10 टीमें, हाईकोर्ट ने अपनाया सख्त रुख

Lucknow News: लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में पैरवी के लिए पहुंचे दो भाइयों पर कथित जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने जांच और गिरफ्तारी अभियान तेज कर दिया है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस कमिश्नरेट सक्रिय हो गया है। फरार चल रहे आरोपी अधिवक्ताओं की तलाश के लिए 10 विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं, जो लखनऊ के अलावा आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

हाईकोर्ट की सख्ती: आरोपी वकीलों के अदालत में प्रवेश पर रोक

मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने आदेश दिया है कि 24 अगस्त तक आरोपी अधिवक्ता जिले की किसी भी अदालत में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गोपनीय जांच कराने, पिछले 10 वर्षों के आयकर रिटर्न और संपत्तियों की जानकारी जुटाने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत ने पीड़ित भाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है।

कोर्ट परिसर में घेरकर हमला करने का आरोप

इस मामले में तालाब गगनी शुक्ल निवासी शाकिर ने वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई को वह अपने भाइयों के साथ एक मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में सिविल कोर्ट पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान अधिवक्ता सौरभ वर्मा, यश पांडेय, हर्षित पांडेय, अभय प्रताप वर्मा समेत 40 से 50 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

जान से मारने की कोशिश का आरोप

शाकिर का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उन्हें जबरन बार एसोसिएशन के कार्यालय तक खींचकर ले गए। वहां उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। किसी तरह वह वहां से निकलने में सफल रहे। पीड़ित का यह भी कहना है कि मुख्य आरोपी और उसके साथी पहले भी उनके और उनके भाइयों पर हमला कर चुके हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना हुआ है।

हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर दिए कड़े निर्देश

घटना का इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान मामले को अत्यंत गंभीर माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था और न्यायिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। इसी क्रम में अदालत ने आरोपियों की गतिविधियों की गोपनीय जांच और उनकी वित्तीय पृष्ठभूमि की भी जांच कराने के निर्देश दिए।

पीड़ित भाइयों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि पीड़ित भाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अदालत ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।

लखनऊ समेत कई जिलों में पुलिस की दबिश

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। वजीरगंज थाना पुलिस और विशेष टीमें लखनऊ के संभावित ठिकानों के अलावा सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और बाराबंकी में भी लगातार दबिश दे रही हैं। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश में तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं का भी सहारा लिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

Leave a Reply