Mathura Janmashtami: ब्रजभूमि में इन दिनों श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां चल रही हैं। कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर मथुरा को दुल्हन की तरह सजाया गया है। शहर की सड़कें, चौराहे और मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं का मथुरा पहुंचना भी शुरू हो गया है। भक्तों के बीच उत्साह चरम पर है और हर कोई भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए आतुर नजर आ रहा है।
रंग-बिरंगी रोशनी से सजा श्रीकृष्ण जन्मस्थान
कान्हा की नगरी में जगह-जगह आकर्षक सजावट की गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर और वहां तक पहुंचने वाले मार्गों को विशेष रूप से सजाया गया है। रंगीन रोशनी, झालरों और आकर्षक सजावटी सामान से पूरा इलाका चमक रहा है। भूतेश्वर तिराहा, गोवर्धन चौराहा और स्टेट बैंक चौराहा भी रंगीन कपड़ों और रोशनी से सजाए गए हैं। मथुरा में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी के भव्य उत्सव का एहसास होने लगा है।
मंदिरों और चौराहों पर दिख रही भव्य सजावट
शहर के प्रमुख मंदिरों के साथ-साथ मुख्य मार्गों और चौराहों पर भी विशेष सजावट की गई है। रात होते ही रंग-बिरंगी लाइटों से मथुरा का नजारा और भी आकर्षक हो जा रहा है। जगह-जगह श्रद्धालुओं की आवाजाही और राधे-राधे के जयकारों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
जन्माष्टमी से पहले बदला मौसम, बारिश से भीगा ब्रज
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी कथा में बारिश का विशेष उल्लेख मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब कंस की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, उस समय घनघोर बारिश हुई थी। इस बार जन्माष्टमी से पहले ब्रज क्षेत्र में भी मौसम ने करवट ली है। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई, जबकि गुरुवार सुबह से भी बारिश का सिलसिला जारी रहा।
बारिश को कान्हा की जन्मलीला से जोड़ रहे श्रद्धालु
ब्रज पहुंचे कई श्रद्धालु इस बारिश को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मलीला से जोड़कर देख रहे हैं। जन्माष्टमी से ठीक पहले बारिश होने से भक्तों के बीच धार्मिक उत्साह और बढ़ गया है। हालांकि मौसम के कारण श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन के दौरान सावधानी बरतने की भी जरूरत है।
रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्मोत्सव
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रात 12 बजे किया जाएगा। इसी समय भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर अभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना होगी। हालांकि जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी, लेकिन मथुरा में उत्सव का माहौल कई दिन पहले से ही दिखाई देने लगा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन्मस्थान पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं।
दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जन्मस्थान पहुंचने वाले भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। कई श्रद्धालु ब्रजभूमि में कदम रखने को ही अपने लिए सौभाग्य मान रहे हैं, जबकि कुछ भक्त जन्मस्थान की देहरी छूकर खुद को धन्य समझ रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में लगातार भक्तों की आवाजाही बनी हुई है।
भक्तों ने मथुरा में डाला डेरा
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों में भी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जन्माष्टमी के मद्देनजर होटल, धर्मशालाओं और आश्रमों में पहले से ही बड़ी संख्या में लोगों ने ठहरने की व्यवस्था कर ली है।
जगह नहीं मिली तो घाटों और खुले स्थानों में ठहरे भक्त
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण कई जगह ठहरने की व्यवस्था पूरी तरह भर चुकी है। ऐसे में कुछ भक्तों ने यमुना घाटों, सड़कों के किनारे और मंदिरों के खुले प्रांगण में ही रात बिताने का सहारा लिया है। इसके बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। पूरे ब्रज में राधे-राधे और कान्हा के जयकारे गूंज रहे हैं।
अपने लल्ला के जन्म का इंतजार कर रही पूरी नगरी
मथुरा-वृंदावन में इस समय ऐसा माहौल है, मानो पूरी ब्रज नगरी अपने लल्ला के जन्म का इंतजार कर रही हो। मंदिरों में भजन-कीर्तन, सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ और चारों ओर सजी रोशनी ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया है। जन्माष्टमी की आधी रात जैसे-जैसे करीब आ रही है, भक्तों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। ब्रजभूमि में इस बार का कृष्ण जन्मोत्सव भव्य और भक्तिमय नजर आ रहा है।

