Nashik TCS Case: भाजपा की फायरब्रांड नेता नवनीत राणा ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस (TCS) में कथित ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्यारे खान पर निशाना साधते हुए हिंदू बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। राणा ने न केवल स्थानीय स्तर पर प्यारे खान को चुनौती दी, बल्कि अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और प्रियंका गांधी जैसे दिग्गज विपक्षी नेताओं पर भी जमकर प्रहार किया।
नासिक टीसीएस में हिंदू युवतियों का उत्पीड़न
नवनीत राणा ने नासिक टीसीएस की घटना का जिक्र करते हुए धार्मिक उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नासिक में हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनने और बीफ-मटन खाने के लिए विवश किया जा रहा था। राणा ने अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्यारे खान से सीधा सवाल किया कि जब इन बेचारी लड़कियों का शोषण हो रहा था, तब उनकी आवाज क्यों नहीं उठी? उन्होंने अचलपुर-परतवाड़ा घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि आज प्यारे खान को तकलीफ हो रही है, लेकिन जब हिंदू बेटियों के साथ अन्याय हुआ, तब वह खामोश थे।
‘कोचिंग जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध रणचंडी बनीं नवनीत राणा
नवनीत राणा ने महाराष्ट्र में बढ़ते तथाकथित कोचिंग जिहाद और पुलिस थानों में दर्ज लव जिहाद की शिकायतों को लेकर प्यारे खान को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू बेटियों पर जुल्म करेगा, उनके वीडियो वायरल करेगा या उनका गलत इस्तेमाल करेगा, तो नवनीत राणा मैदान में डटी रहेंगी। उन्होंने प्यारे खान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे हिंदू धर्म को तो समझते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान में कुछ होता है, तो उसका झंडा लहराया जाता है। राणा ने इन तमाम मामलों पर आयोग के रुख को स्पष्ट करने की मांग की।
अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे को दिखाया आईना
राजनीति में महिलाओं के संघर्ष की बात करते हुए नवनीत राणा ने अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे के परिवारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिवारों की महिलाओं को विरासत में मंच मिल जाता है, जबकि एक आम कार्यकर्ता या मजदूर की बेटी को राजनीति में जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। राणा ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि आपकी जीवनसाथी को तो लोकसभा का मंच मिल गया, लेकिन उन कामकाजी महिलाओं का क्या जिन्हें कोई समर्थन नहीं मिलता? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ही देश की साधारण महिलाओं को अवसर दे रहे हैं।
संसद में प्रियंका गांधी के भाषण पर तंज
महिला आरक्षण विधेयक पर बहस के दौरान प्रियंका गांधी के संसद में संबोधन को लेकर नवनीत राणा ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि जब प्रियंका गांधी बोल रही थीं, तब गृह मंत्री अमित भाई हंस रहे थे। राणा ने स्पष्ट किया कि अमित शाह बिल पर नहीं, बल्कि उस तरीके पर हंस रहे थे जिस तरह प्रियंका गांधी इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रख रही थीं। उन्होंने कटाक्ष किया कि विपक्ष केवल दिखावे के लिए महिलाओं की बात करता है, जबकि असल सशक्तिकरण भाजपा के नेतृत्व में हो रहा है।
हिंदू बेटियों की सुरक्षा के लिए मैदान में डटने की खुली चेतावनी
अपने संबोधन के अंत में नवनीत राणा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने हिंदू अस्मिता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि बेटियों के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्यारे खान और अन्य विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे जो चाहें कर लें, लेकिन वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। राणा के इन बयानों ने नासिक से लेकर अमरावती तक की सियासी जमीन पर एक नई बहस छेड़ दी है।

