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NEET Paper Leak: परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए सेना को मिल सकती है प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

NEET Paper Leak: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुए हालिया पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने पर विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भविष्य में होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों (Question Papers) को लीक से बचाने, उनकी सुरक्षित ढुलाई (Logistics) और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी भारतीय सेना (Indian Army) को सौंपी जा सकती है। सरकार का मानना है कि इस सख्त कदम से पेपर लीक माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकेगा और परीक्षा की गोपनीयता व विश्वसनीयता पर छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल होगा।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हाई-लेवल मीटिंग

नीट परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त बनाने के लिए सरकार के भीतर शीर्ष स्तर पर मंथन शुरू हो चुका है। इसी सिलसिले में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि छात्रों को हो रही मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों को कैसे कम किया जाए और भविष्य की परीक्षा प्रक्रियाओं को किस तरह पूरी तरह अभेद्य (Fullproof) बनाया जाए।

लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर की सीबीआई रिमांड बढ़ी

दूसरी तरफ, जांच एजेंसियां इस पूरे घोटाले की तह तक जाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने नीट पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत (CBI Custody) को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एजेंसी की दलील सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। जांच एजेंसी का कहना है कि मोटेगांवकर को अन्य सह-आरोपियों के सामने बिठाकर पूछताछ करने, महत्वपूर्ण डिजिटल व भौतिक साक्ष्य बरामद करने और इस पूरी साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका को स्थापित करने के लिए हिरासत की अवधि बढ़ाना बेहद जरूरी था। गौरतलब है कि मोटेगांवकर को 17 मई को महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया गया था।

परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था केमिस्ट्री का पेपर

सीबीआई ने अदालत में दाखिल अपने आधिकारिक आवेदन में इस पूरे रैकेट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी शिवराज मोटेगांवकर नीट-स्नातक परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्रों को लीक करने और उन्हें चुनिंदा छात्रों के बीच प्रसारित करने के मामले में सीधे तौर पर शामिल है। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपी ने अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर परीक्षा के मूल आयोजन से काफी पहले, यानी 23 अप्रैल 2026 को ही रसायन विज्ञान (Chemistry) के प्रश्न और उनके सटीक उत्तर हासिल कर लिए थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो अब तक कुल 11 आरोपियों को दबोच चुकी है, जिसमें मोटेगांवकर दसवीं गिरफ्तारी थे।

एनटीए का बड़ा फैसला

प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर और पुख्ता आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। एनटीए ने 12 मई को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आगामी चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों (MBBS/BDS) में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित की गई मुख्य परीक्षा को रद्द व स्थगित करने का फैसला लिया था। अब इस परीक्षा को पूरी शुचिता के साथ दोबारा आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। देश भर के प्रभावित छात्रों के लिए यह पुन: परीक्षा (Re-Exam) आगामी 21 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

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