PM Modi To Address Nation: महिला आरक्षण विधेयक के संसद में गिरने के बाद उपजे राजनीतिक गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। साल 2026 में यह उनका पहला संबोधन होगा। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस दौरान विपक्ष पर महिला अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगा सकते हैं और नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए किसी बड़े कदम का संकेत दे सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पीएम का अचानक संबोधन अक्सर बड़े और चौंकाने वाले फैसलों का गवाह रहा है। जब भी प्रधानमंत्री ने अप्रत्याशित रूप से देशवासियों को संबोधित किया है, तब राष्ट्रीय सुरक्षा या अर्थव्यवस्था से जुड़े ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव देखने को मिले हैं। आज रात होने वाले इस संबोधन को लेकर भी पूरे देश में उत्सुकता बनी हुई है कि क्या प्रधानमंत्री महिला आरक्षण की दिशा में कोई नया रास्ता दिखाएंगे।
साल 2016 की नोटबंदी और विमुद्रीकरण का ऐतिहासिक आर्थिक फैसला
प्रधानमंत्री के सबसे प्रभावशाली संबोधनों की सूची में 8 नवंबर 2016 की रात सबसे ऊपर है। उस दिन पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने यानी नोटबंदी का ऐलान कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। भ्रष्टाचार, काले धन और नकली करेंसी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लिया गया यह विमुद्रीकरण का फैसला भारत के आधुनिक आर्थिक इतिहास की सबसे बड़ी घटना माना जाता है।
गरीबों और किसानों के लिए कल्याणकारी घोषणाएं
दिसंबर 2016 के अंत में, नोटबंदी के कुछ हफ्तों बाद, 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गरीबों और किसानों के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी थी। ग्रामीण भारत को आर्थिक संबल देने और कमजोर वर्गों को घर व ऋण में राहत देने के लिए कई जन-कल्याणकारी घोषणाएं की गईं, जिसने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को मजबूती दी।
‘मिशन शक्ति’ और अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती सैन्य व रक्षा क्षमता
27 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री ने एक विशेष संबोधन के जरिए देश को ‘मिशन शक्ति’ की सफलता की जानकारी दी थी। भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) का सफल परीक्षण कर अंतरिक्ष में अपनी सुपरपावर का लोहा मनवाया था। पीएम मोदी ने इस रक्षा क्षेत्र की उपलब्धि को राष्ट्र को समर्पित करते हुए तकनीकी क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के नए आयामों को रेखांकित किया था।
अनुच्छेद 370 का खात्मा और जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री का विशेष संदेश
अगस्त 2019 में जब सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय लिया, तब भी प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन दिया था। 8 अगस्त 2019 को दिए गए इस भाषण में उन्होंने इस फैसले को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कश्मीर के विकास और वहां के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस संवैधानिक बदलाव को अनिवार्य करार दिया था।
आज रात होने वाले संबोधन में उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के रुख की कड़ी आलोचना करेंगे और ‘विकसित भारत’ के विजन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार का अगला रोडमैप पेश करेंगे।

