मुंबई: महाराष्ट्र का सियासी पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुँच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के एक सनसनीखेज दावे के बाद, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बेहद तीखा और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। दोनों नेताओं के बीच जारी इस जुबानी जंग ने राज्य में एक नए राजनीतिक युद्ध को जन्म दे दिया है, जिसने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच की कड़वाहट को सरेआम उजागर कर दिया है।
गिरीश महाजन का शिवसेना (UBT) में बड़ी फूट का दावा
बीजेपी के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन ने हाल ही में दावा किया था कि उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसद पहले ही पाला बदल चुके हैं। महाजन ने इस बड़ी टूट के लिए सीधे तौर पर संजय राउत की बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि आने वाले दिनों में ठाकरे गुट के कई पार्षद भी शिवसेना (UBT) का साथ छोड़कर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो जाएंगे। महाजन के इस बयान ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी, जिसके बाद उद्धव गुट बैकफुट पर आने के बजाय पूरी तरह से हमलावर मुद्रा में आ गया।
‘ED-CBI हमें सौंपो, महाजन सबसे पहले बीजेपी छोड़ेंगे’
महाजन के दावों से तिलमिलाए संजय राउत ने मीडिया के सामने आकर बेहद आक्रामक बयान दिया। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनौती दी, “अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी जांच एजेंसियों को सिर्फ आधे घंटे के लिए हमारे नियंत्रण में दे दिया जाए, तो भारतीय जनता पार्टी सात धड़ों में बिखर जाएगी।” राउत ने सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि गिरीश महाजन खुद कई बड़े घोटालों में फंसे हुए हैं और अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो महाजन बीजेपी का दामन छोड़ने वाले देश के सबसे पहले नेता होंगे।
बागी सांसद संजय दीना पाटिल पर विश्वासघात का आरोप
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत का गुस्सा सिर्फ बीजेपी पर ही नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के संदिग्ध रुख वाले नेताओं पर भी फूटा। उन्होंने हाल ही में दूरी बनाने वाले सांसद संजय दीना पाटिल को आड़े हाथों लिया। राउत ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि संजय दीना पाटिल को जो भी सियासी मुकाम मिला, वह सिर्फ और सिर्फ शिवसेना की वजह से मिला। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी करके पाटिल की बेटी को नगर निगम चुनाव का टिकट दिया गया था। राउत ने पूछा, “बेटी तो आज भी शिवसेना के साथ खड़ी है, लेकिन पिता कल दिल्ली की महत्वपूर्ण बैठक में क्यों नहीं आए? संकट के समय अपना फर्ज भूलने वाले अब बड़े-बड़े दावे किस मुंह से कर रहे हैं?”
शिंदे गुट के विधायक किशोर पाटिल पर विवादित टिप्पणी
उद्धव गुट के सांसदों को तोड़ने की चुनौती देने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के वफादार विधायक किशोर पाटिल पर भी संजय राउत ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए हमला किया। किशोर पाटिल ने कहा था कि किसी माई के लाल में उनके सांसदों को तोड़ने की हिम्मत नहीं है। इसका जवाब देते हुए राउत ने बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा, “ये लोग पैसे के भूखे हैं और बिक चुके हैं। ये गांजा पीने वाले और नशेड़ियों की जमात है, जिनमें वफादारी का एक कतरा भी नहीं बचा।” राउत ने पाटिल की पहचान को ही खारिज करते हुए कहा कि वे ऐसे किसी व्यक्ति को नहीं जानते।

