महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर जारी खींचतान के बीच राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इससे पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की थी। इन शीर्ष नेताओं की मुलाकातों के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में हलचल चरम पर पहुंच गई है और आगामी चुनावों को लेकर नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
फडणवीस-मोदी बैठक में राज्य की विकास परियोजनाओं पर मंथन
इस अहम राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की। आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा राज्य का विकास रहा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने पीएम मोदी से महाराष्ट्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मूल्यवान मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान राज्य में चल रहे विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा उनकी प्रगति रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत की गई।
महाराष्ट्र के किसानों और चीनी उद्योग को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा
भले ही इस बैठक को विकास कार्यों से जोड़कर देखा जा रहा हो, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे गहरे राजनीतिक और क्षेत्रीय मायने हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिल्ली दौरे के दौरान महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक किसानों की समस्याओं और राज्य के सहकारी चीनी उद्योग को लेकर भी केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत की है। इसके अतिरिक्त, राजनीतिक चर्चाओं से इतर मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी।
अमित शाह के नए सीट शेयरिंग फॉर्मूले से एकनाथ शिंदे की शिवसेना बैकफुट पर
विधान परिषद चुनाव की सीटों के बंटवारे को लेकर महायुति के भीतर लंबे समय से रस्साकशी चल रही थी। खबरों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद अब एक नया फॉर्मूला तैयार किया गया है। इस नए समझौते के कारण उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को कुछ कदम पीछे हटना पड़ा है। इस चुनावी रणनीति और नए सीट शेयरिंग फॉर्मूले के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में मजबूती से उभरी है।
महायुति का चुनावी गणित: बीजेपी 11, शिंदे गुट 4 और अजीत पवार की एनसीपी को 2 सीटें
दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों के बाद महायुति के बीच सीटों का अंतिम समीकरण पूरी तरह तय हो चुका है। इस नए तयशुदा फॉर्मूले के तहत विधान परिषद की कुल 17 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी सबसे ज्यादा 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीं, गठबंधन के अन्य सहयोगियों की बात करें तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खाते में 4 सीटें गई हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को महज 2 सीटों से संतोष करना पड़ेगा। इस बंटवारे के बाद अब राज्य में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है।

