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Election Controversy: चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर बीजेपी का पलटवार, स्मृति ईरानी बोलीं- मृत और डुप्लीकेट नाम क्यों रखना चाहती है कांग्रेस?

Election Controversy: कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर हुई बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।

बीजेपी की ओर से कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का समर्थन नहीं मिलने के कारण कांग्रेस चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है, वहां क्या चुनाव आयोग को लेकर पार्टी का रुख अलग है? बीजेपी ने कांग्रेस से पूछा कि वह मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों और डुप्लीकेट नामों को बनाए रखने के पक्ष में क्यों है।

स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची में मृत और डुप्लीकेट नामों पर उठाए सवाल

बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता सूची में कथित डुप्लीकेट और मृत व्यक्तियों के नामों को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही 13 करोड़ 30 लाख नामों से संबंधित अपना बयान जारी कर चुका है।

ईरानी ने कहा कि यदि मतदाता सूची में किसी मृत व्यक्ति का नाम दर्ज है या किसी मतदाता का नाम एक से अधिक बार शामिल है, तो ऐसे नामों को हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है? उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस आखिर क्यों चाहती है कि मृत व्यक्तियों और डुप्लीकेट नामों को मतदाता सूची में बने रहने दिया जाए।

बीएलओ के सत्यापन और चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का किया जिक्र

स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके दस्तावेजों की जांच बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर जाकर करेंगे। उन्होंने कहा कि बीएलओ दस्तावेजों का सत्यापन कर संबंधित जानकारी की पुष्टि करेंगे।

ईरानी के मुताबिक, चुनाव आयोग सार्वजनिक रूप से इस प्रक्रिया के बारे में स्पष्टीकरण दे चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस के नेतृत्व की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने आपत्ति जताई।

लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले भी लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले से बचने की बात कही थी। उन्होंने एक नागरिक के तौर पर चुनाव आयोग की भूमिका का समर्थन करते हुए कहा कि आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है।

ईरानी ने वर्ष 2019 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के प्रयास से संबंधित बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

कांग्रेस के गठन और लाहौर अधिवेशन पर स्मृति ईरानी का बयान

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के गठन के इतिहास का उल्लेख करते हुए एओ ह्यूम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ह्यूम ब्रिटिश शासन के दौरान राजस्व, कृषि और वाणिज्य विभाग से जुड़े अधिकारी रहे थे। ईरानी के अनुसार, ह्यूम ने वायसराय के साथ ब्रिटिश साम्राज्य के संरक्षण के लिए एक राजनीतिक संगठन के गठन का विचार साझा किया था।

उन्होंने कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के उल्लेख पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को अपने गठन के इतिहास के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा करनी चाहिए। ईरानी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए इसे अनुचित बताया।

इस तरह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

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