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Kerala Fire: त्रिशूर पटाखा यूनिट में भीषण धमाका! 13 की मौत, उत्सव की तैयारियों के बीच पसरा मातम

Kerala Fire: केरल के त्रिशूर जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ मंगलवार को मुंडथिक्कोडु स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (Fireworks Unit) में हुए जबरदस्त विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह त्रासदी उस समय हुई जब शहर अपने प्रसिद्ध वार्षिक हिंदू मंदिर उत्सव, त्रिशूर पूरम की तैयारियों में जुटा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

मध्याह्न भोजन के समय हुआ हादसा

घटनास्थल पर मौजूद राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, जिस समय यह विस्फोट (Blast) हुआ, उस वक्त यूनिट के भीतर लगभग 40 कर्मचारी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आयोजकों द्वारा कर्मचारियों के लिए दोपहर का भोजन लाया गया था, जिसके कारण अधिकांश श्रमिक वहीं एकत्र थे। अधिकारी ने पुष्टि की है कि अफरातफरी के बीच केवल सात लोग ही सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। यह इकाई त्रिशूर पूरम के थिरुवंबाडी गुट (Thiruvambady Devaswom) के लिए आतिशबाजी के नमूने तैयार कर रही थी। वर्तमान में 5 घायलों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

विस्फोटक सामग्री का अंबार

सूत्रों के हवाले से खबर है कि फैक्ट्री परिसर में भारी मात्रा में ज्वलनशील और विस्फोटक पदार्थ (Explosive Materials) जमा किया गया था। आग की एक चिंगारी ने इस सामग्री को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया, जिससे एक के बाद एक कई धमाके हुए। शुरुआती रिपोर्टों में 40 लोगों के जख्मी होने की बात कही गई थी, जिनमें से आठ की हालत नाजुक है। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज समेत नजदीकी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि घायलों को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिल सके।

कई किलोमीटर तक गूंज

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में सुनी गई। धमाके के बाद आसमान में घना काला धुआं छा गया, जिससे बचाव दल को मलबे तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पास स्थित केरल स्थानीय प्रशासन संस्थान (KILA) के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पहले ऐसा लगा जैसे भूकंप (Earthquake) आया हो। घटनास्थल पर अभी भी कई अधजले और बिना फटे पटाखे बिखरे हुए हैं, जो राहत कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन दल ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

त्रिशूर पूरम के औपचारिक ध्वजारोहण के ठीक एक दिन बाद हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि धमाके के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर भंडारण और हैंडलिंग में भारी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने अब जिले भर में पटाखा भंडारण और निर्माण के सुरक्षा प्रोटोकॉल (Safety Protocols) की सख्त समीक्षा करने का निर्णय लिया है। त्रिशूर पूरम में आतिशबाजी का बहुत महत्व है, लेकिन इस घटना ने उत्सव के उल्लास को गम में बदल दिया है।

मौके पर राहत कार्य जारी

फिलहाल, फायर ब्रिगेड और पुलिस की विशेष टीमें मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश कर रही हैं। जिले के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से घटनास्थल के आसपास न जाने की अपील की है, क्योंकि बिना फटे विस्फोटकों से खतरा अभी टला नहीं है। मेडिकल टीमें घायलों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही हैं, जबकि पूरा राज्य इस भीषण त्रासदी के शोक में डूबा हुआ है।

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