Ram Mandir Donation Row: महाराष्ट्र में जारी सियासी हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार (28 जून) को परभणी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राज्य की मौजूदा महायुति सरकार पर तीखे तीर चलाए। अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी मामले से लेकर महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के पेपर लीक होने तक, उद्धव ठाकरे ने हर मोर्चे पर सत्तापक्ष को कटघरे में खड़ा किया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बरसे उद्धव ठाकरे
परभणी में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने अयोध्या मंदिर में हुई वित्तीय गड़बड़ी और कथित चंदा हेरफेर के मामले (Ram Mandir Donation Controversy) पर बीजेपी को जमकर आड़े हाथों लिया। उद्धव ठाकरे ने कड़े शब्दों में कहा, “राम मंदिर अब आस्था का केंद्र कम और दुकान ज्यादा बनकर रह गया है। वे पहले नारा लगाते थे कि ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’, लेकिन अब समझ में आया है कि वे वहां मंदिर क्यों बनवाना चाहते थे।”
ठाकरे ने आगे कहा कि राम मंदिर दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं का एक पवित्र और सर्वोच्च पूजा स्थल है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने वहां अपनी सियासी दुकान खोल ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर यह सब धंधा शुरू किया गया है। राम मंदिर परिसर में दानपेटी से हुई यह वित्तीय हेरफेर सिर्फ एक सामान्य चोरी नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर दुनिया भर के हिंदुओं और सच्चे हिंदुत्व की भावनाओं के साथ किया गया एक बहुत बड़ा विश्वासघात (Betrayal of Hindutva) है।
महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा गड़बड़ी पर तीखा प्रहार
रविवार को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET 2026) का पेपर लीक होने के गंभीर मुद्दे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में हुई इस बड़ी गड़बड़ी (Exam Paper Leak Row) को राज्य के लिए बेहद शर्मनाक बताया। ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा, “इस तरह की परीक्षाओं के पेपर लीक करने के पीछे एक ही खास रसूखदार परिवार के लोगों का हाथ होता है। यही वजह है कि वे हर बार बिना किसी कड़ी कानूनी कार्रवाई के आसानी से बच निकलते हैं और जेल से बाहर आकर दोबारा ऐसी ही घटनाओं को अंजाम देने लगते हैं।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह धोखे और भ्रष्टाचार का कीड़ा पूरे महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है। अगर समय रहते हमने इस प्रशासनिक और राजनीतिक भ्रष्टाचार को नहीं कुचला, तो आने वाले दिनों में न तो हमारा महाराष्ट्र सुरक्षित बचेगा और न ही यह देश बचेगा।
बागी सांसद संजय देशमुख और दलबदलुओं पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने बागी सांसद संजय देशमुख और बीजेपी के राजनीतिक गठजोड़ पर तीखा हमला बोला। ठाकरे ने खुले मंच से जनता और मतदाताओं से माफी मांगते हुए कहा कि वे एक ‘गद्दार’ (दलबदलू) को चुनावी मैदान में उतारने के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस तरह के राजनीतिक दलबदल (Political Defection) के लिए बीजेपी को आने वाले चुनावों में कड़ा सबक सिखाएं।
ठाकरे ने महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक माहौल और मानसून की स्थिति के बीच एक बेहद सधा हुआ रूपक खींचा। देरी से हो रही बारिश के बीच भी अपने खेतों का काम छोड़कर रैली में आए किसानों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “जिस तरह तेज मानसूनी बारिश से पेड़ के पुराने और सड़े हुए पत्ते टूटकर बह जाते हैं और टहनियों पर नई हरी कोंपलें उग आती हैं, ठीक उसी तरह मेरे सामने बैठे यह कट्टर और वफादार शिवसैनिक मेरा असली मानसून हैं। पार्टी के भीतर से सारे सड़े हुए पत्ते अब गिर चुके हैं और हमारे संगठन में नए, निष्ठावान शिवसैनिकों के अंकुर फूट रहे हैं जो इस लड़ाई को आगे ले जाएंगे।”

