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UP News: यूपी में खत्म होगी EV चार्जिंग की टेंशन, 238 नए चार्जिंग स्टेशन मंजूर; दूसरे चरण में 1,500 का लक्ष्य

UP News: उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और बढ़ती ईवी संख्या के बीच चार्जिंग की समस्या दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश में 238 नए सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। यूपी रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UPREDA) इन चार्जिंग स्टेशनों को विकसित कर रही है।

99 स्थानों पर एमओयू पूरा, 139 जगहों पर प्रक्रिया लंबित

मौजूदा चरण में स्वीकृत 238 स्थानों में से 99 स्थानों के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, 139 स्थानों पर अभी समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नोएडा से लखनऊ और वाराणसी तक बनेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन

स्वीकृत चार्जिंग स्टेशनों को एनसीआर और गैर-एनसीआर क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर विकसित किया जाएगा। एनसीआर में गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 39, गाजियाबाद में छह और मेरठ में 35 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे एनसीआर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क और मजबूत होगा।

लखनऊ में 36 और गोरखपुर में 32 चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित

गैर-एनसीआर क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। आगरा में 21, प्रयागराज में 13, गोरखपुर में 32, कानपुर में 12, कानपुर देहात में दो, लखनऊ में 36, मथुरा में 14 और वाराणसी में 28 स्थानों को मंजूरी दी गई है। इससे प्रमुख शहरों के साथ-साथ अंतरनगरीय ईवी यात्रा को भी बढ़ावा मिलेगा।

दूसरे चरण में 1,500 ईवी चार्जिंग स्टेशनों का बड़ा लक्ष्य

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार को और गति देने के लिए योजना के दूसरे चरण में 1,500 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एनसीआर के आठ जिलों के अलावा माल परिवहन गलियारों को भी शामिल किया गया है। विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों की जमीन का इस्तेमाल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए किया जाएगा।

240 स्थान चिह्नित, 1,260 जगहों की तलाश अभी बाकी

दूसरे चरण के तहत अब तक 240 स्थानों की पहचान की जा चुकी है, जबकि 1,260 स्थानों की पहचान अभी की जानी है। नगर निगम क्षेत्रों के लिए 129 स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें अलीगढ़ 22, अयोध्या 13, बरेली 16, फिरोजाबाद 15, झांसी 16, मुरादाबाद सात, सहारनपुर पांच, शाहजहांपुर 10, आगरा आठ, कानपुर नगर 11, मेरठ पांच और कानपुर देहात का एक स्थान शामिल है।

रोडवेज, औद्योगिक क्षेत्रों और बिजली कंपनियों की जमीन पर भी चार्जिंग स्टेशन

दूसरे चरण की योजना में सरकारी परिवहन और औद्योगिक संस्थानों को भी जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश रोडवेज के लिए 74, गीडा के लिए 10 और विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 26 स्थानों की पहचान की गई है। इसके अलावा नगर निगम, परिवहन विभाग और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के स्थानों को भी ईवी चार्जिंग नेटवर्क के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, विश्वविद्यालय और सरकारी कार्यालयों में भी EV चार्जिंग

नई चार्जिंग योजना के तहत मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, औद्योगिक क्षेत्र, यूपीसीडा के औद्योगिक पार्क, विश्वविद्यालय, गन्ना संस्थान, मंडी समितियां, जिलाधिकारी कार्यालय, विकास भवन और तहसील कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थानों को भी शामिल किया गया है। इससे लोगों को अपने रोजमर्रा के आवागमन के दौरान आसानी से इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी।

हर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन पर DC और AC चार्जर की सुविधा

प्रस्तावित सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर 60 किलोवाट क्षमता के दो डीसी चार्जर और 12 किलोवाट क्षमता का एक एसी/डीसी चार्जर लगाने की व्यवस्था होगी। इस तरह अलग-अलग क्षमता वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए एक ही स्थान पर पर्याप्त विकल्प उपलब्ध होंगे।

मुख्य सचिव ने डीएम को दिए चार्जिंग स्टेशन के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश

ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। डीएम को सार्वजनिक स्थलों, बड़े सरकारी कार्यालयों, बस स्टेशनों, औद्योगिक पार्कों, शिक्षण संस्थानों, मॉल, ढाबों और पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त जगह चिह्नित करने को कहा गया है।

मजबूत EV चार्जिंग नेटवर्क से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों की सबसे बड़ी चिंता—लंबी दूरी के दौरान चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने—को दूर करने में मदद मिलेगी। 238 स्वीकृत स्टेशनों के बाद 1,500 स्थानों का दूसरा चरण पूरा होने पर उत्तर प्रदेश में ईवी चार्जिंग नेटवर्क का बड़ा विस्तार होने की उम्मीद है। इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

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