West Bengal News: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में विपक्ष का जनसमर्थन और राजनीतिक प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम की तस्वीर अब साफ हो चुकी है।
शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसके प्रभाव का जमीन पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने श्रीरामपुर में अदालत की अनुमति के बाद आयोजित एक सभा का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां करीब 150 लोग ही मौजूद थे।
ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति पर शुभेंदु अधिकारी का बयान
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 15 साल तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और छह बार सांसद रह चुकी हैं। हालांकि, अधिकारी ने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में उनकी राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की पार्टी का पुराना प्रभाव कमजोर हुआ है और संगठन कई हिस्सों में बंट चुका है। अधिकारी ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए। ये सभी दावे शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए किए।
SIR में 27 लाख नामों पर विवाद
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 60 लाख प्रविष्टियों में से 27 लाख को तार्किक विसंगतियों के आधार पर खारिज किए जाने के मुद्दे पर भी शुभेंदु अधिकारी ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई चुनाव अधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों के तौर पर की थी।
अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 20 बार सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला न्यायाधीशों को नियुक्त किया था। उन्होंने कहा कि तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में अदालत में हुई कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा थी।
SIR विवाद पर राहुल गांधी और एमए बेबी को शुभेंदु अधिकारी की चुनौती
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और माकपा नेता एमए बेबी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे केरल में भी आंदोलन करना चाहिए। अधिकारी ने विपक्षी नेताओं को तिरुवनंतपुरम जाकर प्रदर्शन करने की सलाह दी।
उन्होंने दावा किया कि केरल में एसआईआर को लेकर स्थिति पश्चिम बंगाल से अलग है। अधिकारी के मुताबिक, केरल में कांग्रेस ने चुनाव जीता है, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में विपक्ष की स्थिति अलग रही है।
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर शुभेंदु अधिकारी का अलग मामला होने का दावा
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को अन्य राज्यों से अलग बताते हुए कहा कि यहां तार्किक विसंगतियों को लेकर सामने आई स्थिति विशिष्ट है। उन्होंने विपक्ष के विरोध और आंदोलन पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य में एसआईआर को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का प्रभाव अब कम हो रहा है।
एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नामों और विवरणों को लेकर उठे सवालों के बीच अधिकारी के इन बयानों से पश्चिम बंगाल में सियासी बहस तेज हो गई है। वहीं, ममता बनर्जी और विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवाल इस विवाद के केंद्र में बने हुए हैं।

