Congress Protest: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए विरोध-प्रदर्शनों के जरिए देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने अराजकता का रास्ता नहीं छोड़ा तो उसका बचा हुआ जनाधार भी खत्म हो सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की ओर से पिछले कई दिनों से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, विरोध के नाम पर ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह विरोध-प्रदर्शन के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखे।
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध का रुख अपनाया है। इसी कड़ी में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का आह्वान किया गया है। इस मार्च में इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों के भी शामिल होने की बात कही गई है।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधा। गोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के राजनीतिक व्यवहार को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन करने को कहा और सवाल उठाया कि जनता बार-बार पार्टी को चुनाव में क्यों नकार रही है।
योगी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस वर्ष 1985 के बाद से प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आ सकी है। उन्होंने दावा किया कि देश के कई दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिल पाया और पार्टी सत्ता से बाहर हुई है।
चुनाव आयोग और न्यायालय पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर पार्टी इसे अपनी उपलब्धि बताती है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है।
योगी आदित्यनाथ ने न्यायपालिका का जिक्र करते हुए कहा कि जब अदालतें मेरिट के आधार पर फैसला देती हैं, तब भी कांग्रेस की ओर से न्यायालय के फैसलों पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने से लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गलत संदेश जाता है।
हालांकि, चुनाव आयोग और न्यायपालिका को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों तथा उसके पक्ष को समझने के लिए संबंधित मामलों में पार्टी के तर्क और उपलब्ध तथ्यों को भी देखना जरूरी है।
कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव और आत्ममंथन की दी सलाह
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि जनता का भरोसा क्यों कम हुआ है। योगी के मुताबिक, कांग्रेस के नेताओं को अपनी रणनीति और नेतृत्व पर विचार करना चाहिए तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को अपनी बात तथ्यों और मुद्दों के आधार पर रखनी चाहिए।
जनता का भरोसा जीतने के लिए मुद्दों पर बात करे कांग्रेस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की जनता और युवा जागरूक हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह जनता को गुमराह करने या लगातार विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय रोजगार, विकास और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करे।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस इसी तरह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत आचरण करती रही तो उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों, चुनाव आयोग को लेकर उसके रुख और संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, राहुल गांधी के प्रस्तावित मार्च को लेकर राजनीतिक माहौल में आगे भी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

